62 विद्यालयों के 110 प्रतिभागियों ने 'टेक्नोलॉजी एंड टॉय' विषय पर प्रतिभाओं ने दिखाया हुनूर*

 62 विद्यालयों के 110 प्रतिभागियों ने 'टेक्नोलॉजी एंड टॉय' विषय पर प्रतिभाओं ने दिखाया हुनूर*



सीबीएससी क्षेत्रीय विज्ञान प्रदर्शनी में  62 विद्यालयों के 110 प्रतिभागियों ने 'टेक्नोलॉजी एंड टॉय' विषय पर उभारती प्रतिभाओं ने दिखाया अपना हुनूर*

विज्ञान प्रदर्शनी छात्रों के सर्वांगीण विकास एवं रचनात्मक कुशलता में वृद्धि के लिए बेहतर प्लेटफार्म : कमलेन्द्र सिंह 


सीबीएससी द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित की जाने वाली सत्र 2022- 23 की दो दिवसीय क्षेत्रीय विज्ञान प्रदर्शनी का उद्घाटन समारोह मेजबान के रूप में नामित भूपाल नोबल्स पब्लिक स्कूल में धूमधाम से संपन्न हुआ । प्राचार्या डॉ. सीमा नरूका ने बताया कि दिनांक 9 एवं 10 दिसंबर को आयोजित होने वाली क्षेत्रीय विज्ञान प्रदर्शनी में प्रदेश के लगभग 62 विद्यालयों ने भाग लेकर लगभग 110 मॉडल्स का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी की विषय 'टेक्नोलॉजी एंड टॉय' थी।
 कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि  डिप्टी डायरेक्टर,  उदयपुर, विद्या प्रचारिणी सभा के सदस्य, बीएन के पूर्व छात्र श्री कमलेंद्र सिंह राणावत, राज्य शैक्षिक अनुसन्धान एवं प्रशिक्षण परिषद् (SCERT)  थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय चेयरमैन श्री हनुमंत सिंह जी बोहेड़ा ने की। उन्होंने उपरना एवं पुष्पगुच्छ द्वारा पधारे हुए अतिथियों का स्वागत किया। निर्णायक मंडल में डॉ अविनाश पँवार, डॉ चेतन सिंह चौहान, डॉ कमल सिंह, डॉ. भूपेंद्र व्यास, डॉ चंद्रपाल सिंह चौहान एवं डॉ देवेंद्र पारीक थे। श्री विलियम डिसूजा सीबीएससी सिटी को-ऑर्डिनेटर एवं  प्रिंसिपल सेंट एंथोनी स्कूल  एवं डॉ पूनम राठौड़ अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
  डॉ. अविनाश पंवार एवं डॉ कमल सिंह राठौड़ ने विद्यार्थियों को निर्णायक की कसौटियों की जानकारी देते हुए शुभकामनाएं दी एवं प्रोत्साहित किया।   मुख्य अतिथि श्रीकमलेन्द्र सिंह जी ने कहा की विज्ञान प्रदर्शनी की शुरुआत 1968 में उदयपुर में ही हुई थी। उन्होंने बताया कि विज्ञान का उद्देश्य सकारात्मक रूप से व्यक्ति की जीवन शैली में गुणात्मक वृद्धि करना है। विज्ञान प्रदर्शनी छात्रों के सर्वांगीण विकास एवं रचनात्मक कुशलता में वृद्धि के लिए बेहतर प्लेटफार्म है। छात्रों को सकारात्मक दिशा प्रदान कर आत्मविश्वास एवं कर्म की प्रेरणा देती है । उन्होंने बताया कि छात्रों की शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक शक्ति के आधार पर ही समृद्ध भारत का निर्माण संभव है। इस प्रकार की प्रदर्शनी छात्रों में आपसी समायोजन एवं भारतीय संस्कृति के अनुसार 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना का विकास करती है।  
 प्रदर्शनी के पहले दिन छात्रों ने विभिन्न माडल्स के माध्यम से अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया एवं आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुतीकरण कर अपने उच्च करियर के लिए सपनों की उड़ान भरी । निर्णायक गणों द्वारा चयनित विजेताओं को राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी में अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन करने का अवसर दिया जाएगा। विज्ञान प्रदर्शनी के प्रथम दिन उदयपुर के लगभग 20 सीबीएसई स्कूलों ने भ्रमण किया। प्रदर्शनी कल दिनांक 10 दिसंबर को भी रहेगी एवं समापन समारोह 4.00 बजे  होगा।