लीलाराम निलंबन वापिस लेने की मांग हुई तेज

लीलाराम निलंबन वापिस लेने की मांग हुई तेज

लीलाराम निलंबन वापिस लेने की मांग हुई तेज



लीलाराम निलंबन वापिस लेने की मांग हुई तेज
 
सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं  वोट की राजनीति का शिकार हो गए लीलाराम बामनिया

लवली कंडारा एनकाउंटर मामला:
मेघवाल महासभा ने विरोध- प्रदर्शन कर सीएम गहलोत को भेजा ज्ञापन, पुलिसकर्मियों के निलंबन वापिस लेने की मांग हुई तेज

भीनमाल- उपखण्ड मुख्यालय पर बुधवार को मेघवाल महासभा संस्थान के सैकडों सदस्यों ने ब्लॉक अध्यक्ष घेवाराम सोलंकी एवं संरक्षक सवाराम वाणिका के नेतृत्व में भीनमाल उपखण्ड अधिकारी को अशोक गहलोत मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम ज्ञापन भेजकर जोधपुर कमिशरनेट के रातानाडा पुलिस थाने के थानाधिकारी लीलाराम बामनिया एवं अन्य निलंबित पुलिसकर्मियों को बहाल करने की मांग की गई।मेघवाल महासभा सहित अन्य संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ताओ ने रैली निकालते हुए तथा नारा लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सवाराम वाणिका ने कहा कि लीलाराम बामनिया पुलिस निरीक्षक रातानाडा व अन्य पुलिसकर्मियों को राजस्थान सरकार ने लवली एनकाउंटर मामले में दबाव में आकर निलंबित किया है। जिनको तुरन्त प्रभाव से बहाल करते हुए प्रमोशन देना चाहिए।मेघवाल महासभा के ब्लॉक वरिष्ठ उपाध्यक्ष टीकमाराम भाटी ने बताया कि जांबाज पुलिस अधिकारी लीलाराम बामनिया व उनकी टीम ने अपनी जान पर खेलते हुए अपराधियो को मार गिराया है। ऐसे में प्रमोशन की जगह निलंबन सरकार की घटिया मानसिकता को दर्शाता है। सरकार को उन्हें वीरता पुरस्कार से सम्मानित करते हुए पदोन्नत किया जाना चाहिए।घेवाराम सोलंकी ने बताया कि सरकार की घटिया मानसिकता से प्रदेश की जनता व कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। अत्याचार निवारण फोर्स के जिला अध्यक्ष दिनेश पंचाल पमाना ने सम्बोधन करते हुए बताया कि ज्ञापन में बताई गई विभिन्न मांगों पर सरकार एक्शन नही लेती है तो  जालोर सहित प्रदेशभर धरना प्रदर्शन सहित आंदोलन को उग्र किया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। कार्यक्रम का संचालन सचिव हरचंद बोस ने किया। 

इनकी रही उपस्थिति-
इस दौरान महासभा के ब्लॉक प्रभारी मांगीलाल परमार, कोषाध्यक्ष दलाराम काबावत, भारतीय जनता पार्टी एसी मोर्चा पूर्व जिलाध्यक्ष ठाकराराम मेघवाल, मेघवाल समाज छात्रावास समिति अध्यक्ष ओटाराम काबावत, ताराराम भाटी, खेताराम रोपसी, जीवाराम काबावत, कालाराम दादालियाँ, रमेश कुमार, फूलाराम, गोरखाराम हेंगड़े, एडवोकेट भंवरपालसिंह रोहिण, कांतिलाल लेदरमेर, सतीश भाटी, पत्रकार केवलाराम परमार, दलपत डांगी, हफ़ियाराम भाटी, नारणाराम, रूपाराम सहित कई व्यक्ति उपस्थित थे।